200 केएलडी से अधिक दूषित पानी अब कंट्रोल में, 29 प्रोसेस इकाइयों की लाइव ट्रैकिंग शुरू
भीलवाड़ा | प्रोसेस हाउस संचालकों की ओर से चोरी-छिपे नदी-नालों में दूषित पानी छोड़े जाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने सख्त रुख अपनाया है। इसी के तहत मंडल ने नई पहल करते हुए प्रोसेस हाउस मॉनिटरिंग पोर्टल को शुरू किया है। क्षेत्र में 200 केएलडी से अधिक दूषित जल उत्पन्न करने वाली 29 प्रोसेस इकाइयां संचालित हैं। इन सभी को भीलवाड़ा क्षेत्रीय कार्यालय के लिंक से जोड़ा है। अब प्रदूषण नियंत्रण मंडल कार्यालय से इन पर नजर रखी जा रही है।
नए पोर्टल के माध्यम से अब प्रोसेस हाउस इकाइयों में स्थापित मल्टी इफेक्ट इवेपोरेटर (एमईई) और एजिटेटेड थिन फिल्म ड्रायर (एटीएफडी) के संचालन की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे यह तय किया जाएगा कि आरओ प्लांट से निकलने वाले रिजेक्ट का सही निस्तारण हो और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। पोर्टल की खासियत यह है कि इसमें न केवल मशीनों के संचालन पर नजर रखी जा रही है, बल्कि इन इकाइयों से उत्पन्न होने वाले साल्ट की भी प्रभावी निगरानी की जा रही है। इससे अवैध रूप से दूषित जल छोड़ने पर अंकुश लगेगा। मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल के अनुसार, इस सिस्टम को भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से और सशक्त बनाया जाएगा।
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